चीखें

by Surekha "Sunil" Sharma
1 comment
157 Views

धीरे-धीरे शाम घिर आई थी मैं अपनी बालकनी में खड़ी कपड़ों की तय लगा रही थी , तभी सामने मिसेज शर्मा बाहर अंदर बड़ी बेचैनी से चहल कदमी कर रही थी ,मुझसे रहा नहीं गया मैंने आवाज लगाते हुए पूछा- मिसेज शर्मा क्या हुआ ?अरे कुछ नहीं ?पूजा अभी तक कॉलेज से नहीं आई पता नहीं इतनी देर कैसे लगा दी, मैंने उन्हें समझाते हुए कहा -आ जाएगी परेशान ना हो !वह अंदर चली गई ,मैं अभी अंदर भी नहीं गई थी कि सामने से पूजा आती दिखाई दी तो मैं भी निश्चिंत होकर अंदर चली गई अभी ढंग से कमरे में भी नहीं पहुंच पाई थी, कि एक भयानक चीख ने मुझे हिलाकर कर रख दिया ,  ये चीख किसी और की नहीं पूजा की थी नीचे पड़ी तड़प रही थी ,और मम्मी बचाओ बचाओ बचाओ चिल्ला रही थी !क्योंकि अंधेरा हो गया था इस वजह से कुछ समझ में भी नहीं आ रहा था, मैं और मिसेज शर्मा दौड़कर वहां पहुंचे तो पैरों के नीचे से जमीन निकल गई ,किसी ने पूजा के ऊपर तेजाब डाल दिया था??

भीड़ इकट्ठा होने लगी जल्दी से एंबुलेंस बुलाई और पूजा को अस्पताल भेजा गया पड़ोस के सभी लोग अस्पताल में इकट्ठा थे ,लड़कों में कानाफूसी चल रही थी कि किसने डाला होगा?? अस्पताल में बैठे-बैठे पता नहीं क्या-क्या दिमाग में चल रहा था पूजा का आधा चेहरा जल चुका था डॉक्टर और नर्स पट्टी करने में लगे हुए हैं इधर मिसेज शर्मा का रो-रोकर बुरा हाल था रोते-रोते तेजाब फेकने वाले को कोस रही थी गालियां दे रही थी पता नहीं किस क**** ने मेरी बच्ची से दुश्मनी निकाली है नर्क में जाएगा सजा दिलवाकर मानूंगी ?पूजा की छोटी बहन नेहा भी सहमी हुई अपनी मां के बराबर में बैठी हुई थी पूजा की मां ने हिम्मत करके पूजा को देखने के लिए अपने आप को कमरे में ले गई और पूजा को देखकर मां मानो वहां एक जगह खड़ी रह गई उसके मुंह से कुछ नहीं निकला लेकिन पूजा मां को देखकर फूट-फूट कर रोने लगी अपने आप को रोक नहीं पाई मां से भी उसका हाल देखा नहीं जा रहा था लग रहा था चक्कर खाकर गिर जाएगी और वह तुरंत बाहर आ गई..

पूजा एक मध्यमवर्गीय परिवार में जन्मी थी पढ़ाई में बहुत होशियार थी और बेहद खूबसूरत थी सिर्फ अपनी पढ़ाई से ही मतलब था स्कूल ट्यूशन घर बस यही उसकी दुनिया थी! धीरे-धीरे पूजा बड़ी होने लगी 12वीं क्लास में आ गई मोहल्ले के सभी लड़के दोस्ती करना चाहते थे क्योंकि वह थी ही इतनी प्यारी, लेकिन वह किसी से बात नहीं करती थी अपनी जिंदगी में बहुत आगे बढ़ना चाहती थी एक ऊंची उड़ान उड़ना चाहती थी जब मां को पता चला कि गली मोहल्ले के लड़के उसको परेशान करते हैं तो उसकी शादी करने के पीछे पड़ गई रोज नए नए रिश्ते ढूंढती गली के लड़कों को भी पता चला तो उसे देख कर पूजा को देखकर फब्तियां कसने लगे कोई कहता हमने क्या कमी है रवि तो पूजा के पीछे दीवाना था उसने अपने दोस्तों में ऐलान कर रखा था कि अगर शादी होगी तो पूजा से ही होगी ?और पूजा की मेरे से ?ही होगी ?वरना किसी और से मैं उसकी शादी होने नहीं दूंगा जब रवि को पता चला तो उसने पूजा से कहा दोस्ती करने के लिए और शादी के लिए लेकिन पूजा ने मना कर दिया ! मां को इसलिए नहीं बता पाती थी कि मां उसकी पढ़ाई ना छुड़वा दे एक दिन मौका पाकर रवि ने दोस्तों के साथ मिलकर पूजा के ऊपर तेजाब डाल दिया उसका चेहरा बुरी तरह झुलस गया!

पूजा कि मानो सारी ख्वाहिशें चूर चूर हो गई पूजा टूटकर बिखर चुकी थी क्योंकि अब उसके जीवन में कुछ नहीं बचा था अस्पताल में गूंज रही थी तो पूजा की केवल चीखें ??आखिर कब तक हमारी बेटियों की ख्वाहिशें यूं ही बुझती रहेंगी कब मिलेगा उन्हें न्याय और आरोपी को सजा ? बेटी होने की सजा इतनी बड़ी क्यों???

Spread the love

Related Articles

1 comment

राजकुमार जैन राजन 08/11/2019 - 1:05 PM

उत्कृष्ठतम लघुकथा के लिए बधाई

Reply

Leave a Comment

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More

Privacy & Cookies Policy