स्वच्छ हृदय का भाव

by Dr. Bijendra Pal Singh
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स्वस्थ रहे तन , स्वस्थ रहे मन
आओ दर्पण साफ करें।


स्वच्छ धरा और स्वच्छ गगन हो
आओ तर्पण साफ करें।


अपने घर का कूड़ा कचरा
फेंक गाली , नाली ना रोकें।
करता ऐसा दिखे कोई तो
समझाएं हम उसको टोकें।
सुन्दर फूल स्वस्थ हों तरुवर
आओ उपवन साफ करें।


घर आँगन और आसपास के
गली गरयारे साफ रखें ।
गांव,शहर और महानगर के
चौक-चौबारे साफ रखें।


आम ख़ास सब रखें स्वच्छता
आओ आँगन साफ करें।


क्यों क़ानून बने ये हक़ है
जीवित रहने का सम्बल है।
स्वच्छ वायु जल स्वच्छ धरातल
स्वच्छ हृदय का भाव प्रबल है।


मिल “मयंक” के दाग़ छुडाएं
आओ चितवन साफ करें।

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Devi dayal 11/12/2019 - 7:06 PM

Thank you

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